Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.19.23: जैसे वन में सागौन का वृक्ष बिजली गिरने से जलकर गिर जाता है, उसी प्रकार राजा अनरण्य व्याकुल होकर भूमि पर गिर पड़े और काँपने लगे॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 7.19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.19.23 
स राजा पतितो भूमौ विह्वल: प्रविवेपित:।
वज्रदग्ध इवारण्ये सालो निपतितो यथा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जैसे वन में सागौन का वृक्ष बिजली गिरने से जलकर गिर जाता है, उसी प्रकार राजा अनरण्य व्याकुल होकर भूमि पर गिर पड़े और काँपने लगे॥ 23॥
 
Just as a teak tree in the forest is burnt by a lightning strike and falls down, similarly King Anaranya became distraught and fell on the ground and began to tremble.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)