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ramayan 7.19.20: तत्पश्चात् इक्ष्वाकुवंश को प्रसन्न करने वाले राजा अनरण्य ने राक्षसराज रावण के मस्तक पर आठ सौ बाण मारे॥20॥   |   ramayan सर्ग 7.19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.19.20 
ततो बाणशतान्यष्टौ पातयामास मूर्धनि।
तस्य राक्षसराजस्य इक्ष्वाकुकुलनन्दन:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् इक्ष्वाकुवंश को प्रसन्न करने वाले राजा अनरण्य ने राक्षसराज रावण के मस्तक पर आठ सौ बाण मारे॥20॥
 
After that, King Anaranya, who made the Ikshvaku dynasty happy, shot eight hundred arrows on the head of the demon king Ravana. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)