Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.19.2-3: दैत्यराज उन महान राजाओं के पास गए जो महेंद्र और वरुण के समान शक्तिशाली थे और उनसे बोले, "राजाओं! या तो मुझसे युद्ध करो या कह दो कि हम हार गए।" यह मेरा सुविचारित निर्णय है। इसके विपरीत करने से तुम्हें मुक्ति नहीं मिलेगी। | ramayan सर्ग 7.19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समासाद्य तु राजेन्द्रान् महेन्द्रवरुणोपमान्।
अब्रवीद् राक्षसेन्द्रस्तु युद्धं मे दीयतामिति॥ २॥
निर्जिता: स्मेति वा ब्रूत एष मे हि सुनिश्चय:।
अन्यथा कुर्वतामेवं मोक्षो नैवोपपद्यते॥ ३॥
अनुवाद
दैत्यराज उन महान राजाओं के पास गए जो महेंद्र और वरुण के समान शक्तिशाली थे और उनसे बोले, "राजाओं! या तो मुझसे युद्ध करो या कह दो कि हम हार गए।" यह मेरा सुविचारित निर्णय है। इसके विपरीत करने से तुम्हें मुक्ति नहीं मिलेगी।
The demon king went to those great kings who were as powerful as Mahendra and Varuna and said to them, "O kings! Either fight with me or say that we have lost." This is my well-thought out decision. Doing the opposite of this will not free you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥