श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 19: रावण के द्वारा अनरण्य का वध तथा उनके द्वारा उसे शाप की प्राप्ति  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  7.19.13-14h 
तत: प्रवृत्तं सुमहद् युद्धं युद्धविशारद॥ १३॥
अनरण्यस्य नृपते राक्षसेन्द्रस्य चाद्भुतम्।
 
 
अनुवाद
हे योद्धा निपुण रघुवीर! तत्पश्चात् राजा अनरण्य और रात्रिकालीन राक्षस रावण के बीच महान युद्ध आरम्भ हो गया।
 
O warrior expert Raghuvir! Then a great battle began between King Anaranya and the night-time demon Ravana. 13 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)