Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.18.9: खुपाल! मैं कुबेर का छोटा भाई रावण हूँ। फिर भी तुम मुझे नहीं जानते और मुझे देखकर भी तुम्हारे मन में न तो कोई जिज्ञासा हुई और न ही कोई भय; इस कारण मैं तुम पर बहुत प्रसन्न हूँ॥ 9॥ | ramayan सर्ग 7.18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अकुतूहलभावेन प्रीतोऽस्मि तव पार्थिव।
धनदस्यानुजं यो मां नावगच्छसि रावणम्॥ ९॥
अनुवाद
खुपाल! मैं कुबेर का छोटा भाई रावण हूँ। फिर भी तुम मुझे नहीं जानते और मुझे देखकर भी तुम्हारे मन में न तो कोई जिज्ञासा हुई और न ही कोई भय; इस कारण मैं तुम पर बहुत प्रसन्न हूँ॥ 9॥
Khupal! I am Ravana, the younger brother of Kubera. Yet you do not know me and even after seeing me you felt neither curiosity nor fear; because of this I am very pleased with you.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥