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ramayan 7.18.31: तुम्हारे शरीर का रंग चन्द्रमा और निर्मल झाग के समान चमकीला, सौम्य और सुन्दर होगा ॥31॥   |   ramayan सर्ग 7.18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.18.31 
वर्णो मनोरम: सौम्यश्चन्द्रमण्डलसंनिभ:।
भविष्यति तवोदग्र: शुद्धफेनसमप्रभ:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारे शरीर का रंग चन्द्रमा और निर्मल झाग के समान चमकीला, सौम्य और सुन्दर होगा ॥31॥
 
The color of your body will be as bright, gentle and beautiful as the moon and pure foam. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)