श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 16: नन्दीश्वर का रावण को शाप, भगवान् शङ्कर द्वारा रावण का मान भङ्ग तथा उनसे चन्द्रहास नामक खड्ग की प्राप्ति  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.16.38 
देवता मानुषा यक्षा ये चान्ये जगतीतले।
एवं त्वामभिधास्यन्ति रावणं लोकरावणम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
देवता, मनुष्य, यक्ष आदि जो पृथ्वी पर निवास करते हैं, वे सब मिलकर सम्पूर्ण लोकों को रुलाने वाले तुम्हें दशग्रीव रावण कहेंगे॥38॥
 
Gods, humans, Yakshas and others who reside on the earth's surface will all call you Dashagriva, who makes all the worlds cry, as Ravana. 38॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd