Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.16.29: उस राक्षस ने क्रोध में आकर तथा अपनी भुजाओं में पीड़ा के कारण अचानक बहुत जोर से चीख या हाहाकार मचाया, जिससे तीनों लोकों के प्राणी कांप उठे। | ramayan सर्ग 7.16: नन्दीश्वर का रावण को शाप, भगवान् शङ्कर द्वारा रावण का मान भङ्ग तथा उनसे चन्द्रहास नामक खड्ग की प्राप्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस राक्षस ने क्रोध में आकर तथा अपनी भुजाओं में पीड़ा के कारण अचानक बहुत जोर से चीख या हाहाकार मचाया, जिससे तीनों लोकों के प्राणी कांप उठे।
That demon, in anger and due to the pain in his arms, suddenly let out a very loud cry or wailing cry, due to which the creatures of the three worlds trembled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥