vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 16: नन्दीश्वर का रावण को शाप, भगवान् शङ्कर द्वारा रावण का मान भङ्ग तथा उनसे चन्द्रहास नामक खड्ग की प्राप्ति
»
श्लोक 27
श्लोक
7.16.27
ततो राम महादेवो देवानां प्रवरो हर:।
पादाङ्गुष्ठेन तं शैलं पीडयामास लीलया॥ २७॥
अनुवाद
तब देवताओं में श्रेष्ठ और समस्त पापों का नाश करने वाले महादेव ने अपने पैर के अंगूठे से खेलकर उस पर्वत को कुचल दिया।
Then Mahadev, the greatest of the gods and the destroyer of all sins, crushed that mountain by playing with his toe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×