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ramayan 7.16.19: वे तुम्हारे मन्त्रियों और पुत्रों के साथ एकत्र होकर तुम्हारे अपार गर्व और विशालता के अहंकार को चूर-चूर कर देंगे॥19॥   |   ramayan सर्ग 7.16: नन्दीश्वर का रावण को शाप, भगवान् शङ्कर द्वारा रावण का मान भङ्ग तथा उनसे चन्द्रहास नामक खड्ग की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 16: नन्दीश्वर का रावण को शाप, भगवान् शङ्कर द्वारा रावण का मान भङ्ग तथा उनसे चन्द्रहास नामक खड्ग की प्राप्ति  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.16.19 
ते तव प्रबलं दर्पमुत्सेधं च पृथग्विधम्।
व्यपनेष्यन्ति सम्भूय सहामात्यसुतस्य च॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वे तुम्हारे मन्त्रियों और पुत्रों के साथ एकत्र होकर तुम्हारे अपार गर्व और विशालता के अहंकार को चूर-चूर कर देंगे॥19॥
 
They, along with your ministers and sons, will assemble and shatter your immense pride and your arrogance of being huge.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)