Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.15.9: हे नरसिंह! कहाँ है यक्षों का सरल युद्ध? और कहाँ है राक्षसों का मायावी युद्ध? अपनी मायावी शक्तियों पर निर्भर होकर वह यक्षों से भी अधिक शक्तिशाली सिद्ध हुआ॥9॥ | ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्व च यक्षार्जवं युद्धं क्व च मायाबलाश्रयम्।
रक्षसां पुरुषव्याघ्र तेन तेऽभ्यधिका युधि॥ ९॥
अनुवाद
हे नरसिंह! कहाँ है यक्षों का सरल युद्ध? और कहाँ है राक्षसों का मायावी युद्ध? अपनी मायावी शक्तियों पर निर्भर होकर वह यक्षों से भी अधिक शक्तिशाली सिद्ध हुआ॥9॥
O lion of men! Where is the simple battle of the Yakshas? And where is the illusionary battle of the demons? Relying on his illusionary powers, he proved to be more powerful than the Yakshas.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥