Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.15.34-35h: इस प्रकार उन्होंने अनेक रूप प्रकट किए। केवल वे ही रूप दिखाई दे रहे थे, वे स्वयं दिखाई नहीं दे रहे थे। श्री राम! तत्पश्चात दशमुख ने एक बहुत बड़ी गदा हाथ में ली और घुमाकर कुबेर के सिर पर दे मारी। 34 1/2। | ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहूनि च करोति स्म दृश्यन्ते न त्वसौ तत:।
प्रतिगृह्य ततो राम महदस्त्रं दशानन:॥ ३४॥
जघान मूर्ध्नि धनदं व्याविद्ध्य महतीं गदाम्।
अनुवाद
इस प्रकार उन्होंने अनेक रूप प्रकट किए। केवल वे ही रूप दिखाई दे रहे थे, वे स्वयं दिखाई नहीं दे रहे थे। श्री राम! तत्पश्चात दशमुख ने एक बहुत बड़ी गदा हाथ में ली और घुमाकर कुबेर के सिर पर दे मारी। 34 1/2।
In this way he manifested many forms. Only those forms were visible, he himself was not visible. Shri Ram! Thereafter Dasamukh took a very big mace in his hand and swinging it hit Kuber's head. 34 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥