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ramayan 7.15.32: तत्पश्चात् उस राक्षसराज ने मय दानव का आश्रय लेकर कुबेर का नाश करने के लिए लाखों रूप धारण किए ॥32॥   |   ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.15.32 
ततो मायां प्रविष्टोऽसौ राक्षसीं राक्षसेश्वर:।
रूपाणां शतसाहस्रं विनाशाय चकार च॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उस राक्षसराज ने मय दानव का आश्रय लेकर कुबेर का नाश करने के लिए लाखों रूप धारण किए ॥32॥
 
After that, that demon king took shelter of the demon Maya and took millions of forms to destroy Kubera. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)