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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण
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श्लोक 31
श्लोक
7.15.31
आग्नेयमस्त्रं तस्मै स मुमोच धनदस्तदा।
राक्षसेन्द्रो वारुणेन तदस्त्रं प्रत्यवारयत्॥ ३१॥
अनुवाद
उस समय कुबेर ने रावण पर आग्नेयास्त्र चलाया, किन्तु राक्षसराज रावण ने वरुणास्त्र से उसके अस्त्र को शांत कर दिया ॥31॥
At that time Kubera used a firearm on Ravana, but the demon king Ravana silenced his weapon with Varunastra. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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