Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.15.3: महाबाहु मणिभद्र अत्यंत अजेय योद्धा थे। कुबेर से उपर्युक्त आदेश पाकर वे चार हजार यक्षों की सेना लेकर द्वार पर गए और राक्षसों से युद्ध करने लगे।   |   ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.15.3 
एवमुक्तो महाबाहुर्माणिभद्र: सुदुर्जय:।
वृतो यक्षसहस्रैस्तु चतुर्भि: समयोधयत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु मणिभद्र अत्यंत अजेय योद्धा थे। कुबेर से उपर्युक्त आदेश पाकर वे चार हजार यक्षों की सेना लेकर द्वार पर गए और राक्षसों से युद्ध करने लगे।
 
Mahabahu Manibhadra was a very invincible warrior. On receiving the above mentioned order from Kubera, he went to the gate with an army of four thousand Yakshas and started fighting with the demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)