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ramayan 7.15.28: उसने रावण के मंत्रियों से भी यही बात कही। फिर उसने उन पर अस्त्र-शस्त्रों से आक्रमण किया। इससे आहत होकर मारीच सहित सभी राक्षस युद्ध छोड़कर भाग गए॥ 28॥   |   ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.15.28 
एवमुक्तास्ततस्तेन तस्यामात्या: समाहता:।
मारीचप्रमुखा: सर्वे विमुखा विप्रदुद्रुवु:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उसने रावण के मंत्रियों से भी यही बात कही। फिर उसने उन पर अस्त्र-शस्त्रों से आक्रमण किया। इससे आहत होकर मारीच सहित सभी राक्षस युद्ध छोड़कर भाग गए॥ 28॥
 
He said the same thing to Ravana's ministers. Then he attacked them with weapons. Hurt by this, all the demons including Marich turned away from the battle and ran away.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)