Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.15.25: ‘दुर्बुद्धि वाला कोई भी मनुष्य अपनी इच्छा से (अच्छे कर्म किए बिना और अपने बड़ों की सेवा किए बिना) सद्बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकता। वह अपने कर्मों का फल भोगता है।॥25॥ | ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘दुर्बुद्धि वाला कोई भी मनुष्य अपनी इच्छा से (अच्छे कर्म किए बिना और अपने बड़ों की सेवा किए बिना) सद्बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकता। वह अपने कर्मों का फल भोगता है।॥25॥
‘No person with bad intellect can attain good intellect by his own will (without performing good deeds and serving his elders). He reaps the fruits of his deeds.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥