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ramayan 7.15.22: 'यह शरीर क्षणभंगुर है। जो मूर्ख इस शरीर को पाकर तप नहीं करता, वह मृत्यु के बाद अपने पाप कर्मों का फल पाकर पछताता है।   |   ramayan सर्ग 7.15: माणिभद्र तथा कुबेर की पराजय और रावण द्वारा पुष्पक विमान का अपहरण   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.15.22 
अध्रुवे हि शरीरे यो न करोति तपोऽर्जनम्।
स पश्चात् तप्यते मूढो मृतो गत्वाऽऽत्मनो गतिम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'यह शरीर क्षणभंगुर है। जो मूर्ख इस शरीर को पाकर तप नहीं करता, वह मृत्यु के बाद अपने पाप कर्मों का फल पाकर पछताता है।
 
‘This body is temporary. The fool who does not perform penance after getting this body repents after his death when he gets the result of his bad deeds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)