श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 14: मन्त्रियों सहित रावण का यक्षों पर आक्रमण और उनकी पराजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.14.25 
तं तु राजन् दशग्रीवं प्रविशन्तं निशाचरम्।
सूर्यभानुरिति ख्यातो द्वारपालो न्यवारयत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाराज श्री राम! जब रात्रिचर दशग्रीव द्वार में प्रवेश करने लगे, तब सूर्यभानु नामक द्वारपाल ने उन्हें रोक दिया॥25॥
 
Maharaj Shri Ram! When the nocturnal Dashagriva started entering the gate, the gatekeeper named Suryabhanu stopped him. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)