Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.14.11-12: उस समय यक्षों ने गदा, मूसल, तलवार, भाले और गदाओं की वर्षा करनी आरम्भ कर दी, मानो बादल जल की धाराएँ बरसा रहे हों। उनके प्रहार सहता हुआ दशग्रीव शत्रु सेना में घुस गया। वहाँ उसे इतनी मार पड़ी कि उसे साँस लेने का भी समय नहीं मिला। यक्षों ने उसकी गति रोक दी॥11-12॥ | ramayan सर्ग 7.14: मन्त्रियों सहित रावण का यक्षों पर आक्रमण और उनकी पराजय । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय यक्षों ने गदा, मूसल, तलवार, भाले और गदाओं की वर्षा करनी आरम्भ कर दी, मानो बादल जल की धाराएँ बरसा रहे हों। उनके प्रहार सहता हुआ दशग्रीव शत्रु सेना में घुस गया। वहाँ उसे इतनी मार पड़ी कि उसे साँस लेने का भी समय नहीं मिला। यक्षों ने उसकी गति रोक दी॥11-12॥
At that time the Yakshas started raining maces, pestles, swords, spears and maces like clouds pouring torrents of water. Bearing their blows, Dashagriva entered the enemy army. There he was hit so much that he did not even get time to breathe. The Yakshas stopped his pace.॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥