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ramayan 7.13.16: तत्पश्चात् दूत ने उत्तम शय्या से सुशोभित महान् शय्या पर बैठे हुए दशग्रीव से इस प्रकार कहा -॥16॥   |   ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.13.16 
स तत्रोत्तमपर्यङ्के वरास्तरणशोभिते।
उपविष्टं दशग्रीवं दूतो वाक्यमथाब्रवीत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दूत ने उत्तम शय्या से सुशोभित महान् शय्या पर बैठे हुए दशग्रीव से इस प्रकार कहा -॥16॥
 
After that, the messenger said to Dashagriva, who was sitting on a great bed decorated with the best bedding, in this way -॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)