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ramayan 7.13.13: वह दूत लंकापुरी में जाकर सबसे पहले विभीषण से मिला। विभीषण ने धर्मानुसार उसका स्वागत किया और लंका में आने का कारण पूछा॥13॥   |   ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.13.13 
स गत्वा नगरीं लङ्कामाससाद विभीषणम्।
मानितस्तेन धर्मेण पृष्टश्चागमनं प्रति॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वह दूत लंकापुरी में जाकर सबसे पहले विभीषण से मिला। विभीषण ने धर्मानुसार उसका स्वागत किया और लंका में आने का कारण पूछा॥13॥
 
That messenger went to Lankapuri and first met Vibhishan. Vibhishan welcomed him according to the Dharma and asked the reason for his coming to Lanka.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)