Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.13.11-12: दशग्रीव के इस निरंकुश आचरण का समाचार पाकर धन के स्वामी और धर्म के ज्ञाता कुबेर ने उसके कुल के अनुरूप आचरण और व्यवहार पर विचार करके उत्तम भ्रातृ प्रेम प्रदर्शित करने के लिए लंका में एक दूत भेजा। उसका उद्देश्य रावण को उसका कल्याण बताकर उसे सही मार्ग पर लाना था। ॥11-12॥ | ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दशग्रीव के इस निरंकुश आचरण का समाचार पाकर धन के स्वामी और धर्म के ज्ञाता कुबेर ने उसके कुल के अनुरूप आचरण और व्यवहार पर विचार करके उत्तम भ्रातृ प्रेम प्रदर्शित करने के लिए लंका में एक दूत भेजा। उसका उद्देश्य रावण को उसका कल्याण बताकर उसे सही मार्ग पर लाना था। ॥11-12॥
On receiving the news of this autocratic behaviour of Dashagriva, the lord of wealth and the knower of religion Kubera, after considering the conduct and behaviour in accordance with his clan, sent a messenger to Lanka to demonstrate the best brotherly love. His objective was to bring Ravana on the right path by telling him about his welfare. ॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥