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ramayan 7.12.27-28h: इस प्रकार वे तीनों राक्षस विवाह करके अपनी-अपनी पत्नियों को साथ लेकर लंका में नंदनवन में विचरण करने वाले गंधर्वों की भाँति सुखपूर्वक रहने लगे।   |   ramayan सर्ग 7.12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.12.27-28h 
एवं ते कृतदारा वै रेमिरे तत्र राक्षसा:॥ २७॥
स्वां स्वां भार्यामुपादाय गन्धर्वा इव नन्दने।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वे तीनों राक्षस विवाह करके अपनी-अपनी पत्नियों को साथ लेकर लंका में नंदनवन में विचरण करने वाले गंधर्वों की भाँति सुखपूर्वक रहने लगे।
 
In this way, those three demons got married and took their wives with them and started living happily in Lanka like the Gandharvas who roam in Nandanvan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)