Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.12.25-27h: वह मानसरोवर के तट पर उत्पन्न हुई थी। उसके जन्म के समय वर्षा ऋतु के आगमन के कारण मानसरोवर का जल बढ़ने लगा था। तब कन्या की माता अपनी पुत्री के लिए व्याकुल होकर विलाप करती हुई सरोवर से बोली - 'सरो मा वर्ध्यस्व' (हे सरोवर! अपना जल मत बढ़ने दो)। घबराकर उसने 'सर: मा' कहा; अतः उस कन्या का नाम सरमा पड़ा। | ramayan सर्ग 7.12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह मानसरोवर के तट पर उत्पन्न हुई थी। उसके जन्म के समय वर्षा ऋतु के आगमन के कारण मानसरोवर का जल बढ़ने लगा था। तब कन्या की माता अपनी पुत्री के लिए व्याकुल होकर विलाप करती हुई सरोवर से बोली - 'सरो मा वर्ध्यस्व' (हे सरोवर! अपना जल मत बढ़ने दो)। घबराकर उसने 'सर: मा' कहा; अतः उस कन्या का नाम सरमा पड़ा।
She was born on the banks of Manasarovar. When she was born, the Manasarovar started rising due to the onset of rainy season. Then the mother of the girl, crying in anguish for her daughter, said to the lake - 'Saro ma vardhyasva' (Oh lake! Do not let your water rise). In panic, she said 'Sar: ma'; hence the name of the girl became Sarma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥