Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.12.20-21h: रघुनन्दन! यद्यपि मयासुर जानता था कि रावण को तपोधन विश्वास ने क्रूर स्वभाव का शाप दिया है; तथापि उसने रावण को ब्रह्माजी के कुल का पुत्र समझकर उसे अपनी कन्या दे दी। 20 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि तस्य मयो राम शापाभिज्ञस्तपोधनात्॥ २०॥
विदित्वा तेन सा दत्ता तस्य पैतामहं कुलम्।
अनुवाद
रघुनन्दन! यद्यपि मयासुर जानता था कि रावण को तपोधन विश्वास ने क्रूर स्वभाव का शाप दिया है; तथापि उसने रावण को ब्रह्माजी के कुल का पुत्र समझकर उसे अपनी कन्या दे दी। 20 1/2॥
Raghunandan! Although Mayasura knew that Ravana had been cursed by Tapodhana Vishwas to be of a cruel nature; However, considering Ravana to be a son of Brahmaji's family, he gave him his daughter. 20 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥