श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.12.19-20h 
बाढमित्येव तं राम दशग्रीवोऽभ्यभाषत॥ १९॥
प्रज्वाल्य तत्र चैवाग्निमकरोत् पाणिसंग्रहम्।
 
 
अनुवाद
श्री राम! तब दशग्रीव ने 'बहुत अच्छा' कहकर मयासुर का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। फिर उसने वहाँ अग्नि प्रज्वलित की और मंदोदरी का हाथ पकड़कर विवाह कर लिया। 19 1/2
 
Shri Ram! Then Dashagriva agreed to Mayasura's proposal saying 'very good'. Then he lit the fire there and took Mandodari's hand in marriage. 19 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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