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श्लोक 7.12.19-20h  |
बाढमित्येव तं राम दशग्रीवोऽभ्यभाषत॥ १९॥
प्रज्वाल्य तत्र चैवाग्निमकरोत् पाणिसंग्रहम्। |
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| अनुवाद |
| श्री राम! तब दशग्रीव ने 'बहुत अच्छा' कहकर मयासुर का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। फिर उसने वहाँ अग्नि प्रज्वलित की और मंदोदरी का हाथ पकड़कर विवाह कर लिया। 19 1/2 |
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| Shri Ram! Then Dashagriva agreed to Mayasura's proposal saying 'very good'. Then he lit the fire there and took Mandodari's hand in marriage. 19 1/2 |
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