Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.12.18-19h: राजन! यह मेरी पुत्री है, जिसे हेमा अप्सरा ने गर्भ में धारण किया था। इसका नाम मन्दोदरी है। इसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करें।॥18 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  7.12.18-19h 
इयं ममात्मजा राजन् हेमयाप्सरसा धृता॥ १८॥
कन्या मन्दोदरी नाम पत्न्यर्थं प्रतिगृह्यताम्।
 
 
अनुवाद
राजन! यह मेरी पुत्री है, जिसे हेमा अप्सरा ने गर्भ में धारण किया था। इसका नाम मन्दोदरी है। इसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करें।॥18 1/2॥
 
King! This is my daughter, whom Hema Apsara conceived in her womb. Her name is Mandodari. Accept her as your wife.'॥18 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)