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ramayan 7.12.10: मैं उस नगरी से इस कन्या को लेकर वन में आया हूँ। हे राजन! यह मेरी पुत्री है, जो हेमा के गर्भ से उत्पन्न हुई थी और मैंने ही इसका पालन-पोषण किया है॥ 10॥   |   ramayan सर्ग 7.12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 12: शूर्पणखा तथा रावण आदि तीनों भाइयों का विवाह और मेघनाद का जन्म  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.12.10 
तस्माद् पुराद् दुहितरं गृहीत्वा वनमागत:।
इयं ममात्मजा राजंस्तस्या: कुक्षौ विवर्धिता॥ १०॥
 
 
अनुवाद
मैं उस नगरी से इस कन्या को लेकर वन में आया हूँ। हे राजन! यह मेरी पुत्री है, जो हेमा के गर्भ से उत्पन्न हुई थी और मैंने ही इसका पालन-पोषण किया है॥ 10॥
 
I have come to the forest with this girl from that city. O King! She is my daughter, who was born in Hema's womb and was brought up by me.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)