श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 111: रामायण- काव्य का उपसंहार और इसकी महिमा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.111.1 
एतावदेतदाख्यानं सोत्तरं ब्रह्मपूजितम्।
रामायणमिति ख्यातं मुख्यं वाल्मीकिना कृतम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
(कुश और लव कहते हैं-) यह उत्तरकाण्ड सहित महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की महान कथा है। ब्रह्माजी ने भी इसका सम्मान किया है॥1॥
 
(Kusha and Luv say-) This is the great story of Ramayana created by Maharishi Valmiki including the Uttarakand. Brahmaji has also respected it.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)