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ramayan 7.11.52: धन के स्वामी कुबेर ने अपने पिता की आज्ञा का सम्मान करते हुए कैलाश पर्वत पर सुन्दर भवनों से सुसज्जित, चन्द्रमा के समान निर्मल कांति वाली अलकापुरी की स्थापना की, जैसे देवताओं के राजा इन्द्र ने स्वर्ग में अमरावतीपुरी की स्थापना की थी।   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  7.11.52 
धनेश्वरस्त्वथ पितृवाक्यगौरवा-
न्न्यवेशयच्छशिविमले गिरौ पुरीम्।
स्वलंकृतैर्भवनवरैर्विभूषितां
पुरंदरस्येव तदाऽमरावतीम्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
धन के स्वामी कुबेर ने अपने पिता की आज्ञा का सम्मान करते हुए कैलाश पर्वत पर सुन्दर भवनों से सुसज्जित, चन्द्रमा के समान निर्मल कांति वाली अलकापुरी की स्थापना की, जैसे देवताओं के राजा इन्द्र ने स्वर्ग में अमरावतीपुरी की स्थापना की थी।
 
The lord of wealth Kubera, respecting his father's command, established Alakapuri, adorned with beautiful buildings on Mount Kailash, which had a pure radiance like the moon, just as the king of gods Indra had established Amaravatipuri in heaven.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे एकादश: सर्ग: ॥ १ १॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें ग्यारहवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ १॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)