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ramayan 7.11.5: महाबाहो! जिनके कारण हम सब राक्षस लंका छोड़कर पाताल लोक में चले गए थे, उन्हीं भगवान विष्णु ने हमारा यह महान भय दूर कर दिया॥5॥   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.11.5 
यत्कृते च वयं लङ्कां त्यक्त्वा याता रसातलम्।
तद‍्गतं नो महाबाहो महद्विष्णुकृतं भयम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! जिनके कारण हम सब राक्षस लंका छोड़कर पाताल लोक में चले गए थे, उन्हीं भगवान विष्णु ने हमारा यह महान भय दूर कर दिया॥5॥
 
Mahabaho! Due to whom all of us demons had left Lanka and gone to the netherworld, this great fear of ours was dispelled by Lord Vishnu. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)