Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.11.49-50: प्रहस्त के वचन सुनकर महाबली दशग्रीव अपनी सेना, अनुचरों और भाइयों सहित कुबेर द्वारा त्यागी गई लंका में प्रवेश कर गया। उस नगर में बड़े-बड़े मार्ग बने हुए थे, जिनका उचित विभाजन किया गया था। जिस प्रकार देवताओं के राजा इंद्र स्वर्ग के सिंहासन पर विराजमान हुए, उसी प्रकार देवताओं के शत्रु रावण ने लंका में प्रवेश किया। 49-50. | ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रहस्त के वचन सुनकर महाबली दशग्रीव अपनी सेना, अनुचरों और भाइयों सहित कुबेर द्वारा त्यागी गई लंका में प्रवेश कर गया। उस नगर में बड़े-बड़े मार्ग बने हुए थे, जिनका उचित विभाजन किया गया था। जिस प्रकार देवताओं के राजा इंद्र स्वर्ग के सिंहासन पर विराजमान हुए, उसी प्रकार देवताओं के शत्रु रावण ने लंका में प्रवेश किया। 49-50.
On Prahast's words, the mighty Dashagriva entered Lanka, abandoned by Kubera, along with his army, followers and brothers. There were big roads built in that city with proper division. Just as the king of gods Indra ascended the throne of heaven, in the same manner the enemy of gods Ravana entered Lanka. 49-50.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥