श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.11.3 
सुमाली सचिवै: सार्धं वृतो राक्षसपुङ्गवै:।
अभिगम्य दशग्रीवं परिष्वज्येदमब्रवीत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महान् राक्षसों से घिरे हुए सुमाली अपने सचिवों के साथ दशग्रीव के पास गए और उन्हें गले लगाकर इस प्रकार बोले-॥3॥
 
Surrounded by great demons, Sumali went to Daśagriva with his secretaries and embraced him and spoke thus:॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)