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ramayan 7.11.2: उसके साथ उस राक्षस के चार मंत्री - मारीच, प्रहस्त, विरुपाक्ष और महोदर - भी रसातल से ऊपर उठे। वे सभी क्रोध से भर गए॥2॥   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.11.2 
मारीचश्च प्रहस्तश्च विरूपाक्षो महोदर:।
उदतिष्ठन् सुसंरब्धा: सचिवास्तस्य रक्षस:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसके साथ उस राक्षस के चार मंत्री - मारीच, प्रहस्त, विरुपाक्ष और महोदर - भी रसातल से ऊपर उठे। वे सभी क्रोध से भर गए॥2॥
 
Along with him, four ministers of that demon - Maricha, Prahast, Virupaksha and Mahodar - also rose from the abyss. All of them were filled with anger.॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)