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ramayan 7.109.8: चारों वेद ब्राह्मणों का रूप धारण करके चल रहे थे। सबकी रक्षक गायत्री देवी, ओंकार और वषट्कार सभी भक्तिभाव से श्री राम के पीछे-पीछे चल रहे थे।   |   ramayan सर्ग 7.109: परमधाम जाने के लिये निकले हुए श्रीराम के साथ समस्त अयोध्या वासियों का प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.109.8 
वेदा ब्राह्मणरूपेण गायत्री सर्वरक्षिणी।
ओङ्कारोऽथ वषट्कार: सर्वे राममनुव्रता:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
चारों वेद ब्राह्मणों का रूप धारण करके चल रहे थे। सबकी रक्षक गायत्री देवी, ओंकार और वषट्कार सभी भक्तिभाव से श्री राम के पीछे-पीछे चल रहे थे।
 
All four Vedas were walking in the form of Brahmins. Gayatri Devi, the protector of all, Omkar and Vashatkar all followed Shri Ram with devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)