Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.109.5: उस समय वे वेदपाठ के अतिरिक्त किसी से बात नहीं करते थे। चलने के अतिरिक्त उनमें कोई अन्य क्रियाशीलता दिखाई नहीं देती थी और वे घर से निकलकर, सूर्य के समान चमकते हुए, समस्त सांसारिक सुखों को त्यागकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। | ramayan सर्ग 7.109: परमधाम जाने के लिये निकले हुए श्रीराम के साथ समस्त अयोध्या वासियों का प्रस्थान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय वे वेदपाठ के अतिरिक्त किसी से बात नहीं करते थे। चलने के अतिरिक्त उनमें कोई अन्य क्रियाशीलता दिखाई नहीं देती थी और वे घर से निकलकर, सूर्य के समान चमकते हुए, समस्त सांसारिक सुखों को त्यागकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे।
At that time, he did not talk to anyone except reciting the Vedas. Apart from walking, no other activity was visible in him and he had left home, shining like the radiant Sun, abandoning all worldly pleasures and was moving towards his destination.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥