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ramayan 7.109.1: तदनन्तर जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब विशाल वक्षस्थल वाले प्रसिद्ध कमल पुष्प श्री रामचन्द्रजी ने पुरोहित से कहा-॥1॥   |   ramayan सर्ग 7.109: परमधाम जाने के लिये निकले हुए श्रीराम के साथ समस्त अयोध्या वासियों का प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.109.1 
प्रभातायां तु शर्वर्यां पृथुवक्षा महायशा:।
राम: कमलपत्राक्ष: पुरोधसमथाब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब विशाल वक्षस्थल वाले प्रसिद्ध कमल पुष्प श्री रामचन्द्रजी ने पुरोहित से कहा-॥1॥
 
After that, when the night passed and the morning came, then Shri Ramchandraji, the famous lotus flower with huge chest, said to the priest - ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)