Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.108.38: उन सबसे ऐसा कहकर श्री रघुनाथजी ने शेष बचे हुए रीछ-वानरों से कहा - 'बहुत अच्छा। मैं तुम्हारी बात स्वीकार करता हूँ। तुम सब लोग अपनी सलाह के अनुसार मेरे साथ चलो।' | ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन सबसे ऐसा कहकर श्री रघुनाथजी ने शेष बचे हुए रीछ-वानरों से कहा - 'बहुत अच्छा। मैं तुम्हारी बात स्वीकार करता हूँ। तुम सब लोग अपनी सलाह के अनुसार मेरे साथ चलो।'
Having said this to all of them, Shri Raghunathji said to the remaining bears and monkeys - 'Very good. I accept your words. All of you come with me as per your advice.'
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डेऽष्टाधिकशततम: सर्ग: ॥ १ ०८॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें एक सौ आठवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ०८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥