Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.108.36-37: इसके बाद भगवान ने ब्रह्माजी के पुत्र वृद्ध जाम्बवान् तथा मेन और द्विविद से भी कहा - 'जाम्बवान् तुम्हारे सहित पाँच व्यक्ति (जाम्बवान्, विभीषण, हनुमान्, मेन और द्विविद) प्रलयकाल और कलियुग आने तक जीवित रहें। (इनमें से हनुमान् और विभीषण तो प्रलयकाल तक जीवित रहने वाले हैं और शेष तीन व्यक्ति कलियुग और द्वापर के मिलन में श्रीकृष्ण के अवतार के समय मारे गए या मर गए थे।)॥36-37॥   |   ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना  »  श्लोक 36-37
 
 
श्लोक  7.108.36-37 
जाम्बवन्तं तथोक्त्वा तु वृद्धं ब्रह्मसुतं तदा॥ ३६॥
मैन्दं च द्विविदं चैव पञ्च जाम्बवता सह।
यावत् कलिश्च सम्प्राप्तस्तावज्जीवत सर्वदा॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद भगवान ने ब्रह्माजी के पुत्र वृद्ध जाम्बवान् तथा मेन और द्विविद से भी कहा - 'जाम्बवान् तुम्हारे सहित पाँच व्यक्ति (जाम्बवान्, विभीषण, हनुमान्, मेन और द्विविद) प्रलयकाल और कलियुग आने तक जीवित रहें। (इनमें से हनुमान् और विभीषण तो प्रलयकाल तक जीवित रहने वाले हैं और शेष तीन व्यक्ति कलियुग और द्वापर के मिलन में श्रीकृष्ण के अवतार के समय मारे गए या मर गए थे।)॥36-37॥
 
After this, God also said to Brahmaji's son old Jambavan and Main and Dwivid - 'Jambavan along with you five persons (Jambavan, Vibhishana, Hanuman, Main and Dwivid) should remain alive till the doomsday and Kaliyuga come. (Out of these, Hanuman and Vibhishan are going to live till the doomsday and the remaining three persons were killed or died at the time of Shri Krishna's incarnation in the union of Kali and Dwapara. went)॥ 36-37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)