Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.108.3-4: श्री राम की प्रतिज्ञा, लक्ष्मण का परित्याग, श्री राम के दोनों पुत्रों का राज्याभिषेक तथा ग्रामवासियों का श्री राम के साथ जाने का निश्चय आदि सब बातें बताकर दूतों ने यह भी कहा कि 'परम बुद्धिमान् भगवान श्री राम ने कुश के लिए विन्ध्य पर्वत के तट पर कुशावती नाम की एक सुन्दर नगरी का निर्माण किया है।' | ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री राम की प्रतिज्ञा, लक्ष्मण का परित्याग, श्री राम के दोनों पुत्रों का राज्याभिषेक तथा ग्रामवासियों का श्री राम के साथ जाने का निश्चय आदि सब बातें बताकर दूतों ने यह भी कहा कि 'परम बुद्धिमान् भगवान श्री राम ने कुश के लिए विन्ध्य पर्वत के तट पर कुशावती नाम की एक सुन्दर नगरी का निर्माण किया है।'
After telling all the things like Shri Ram's vow, Lakshman's abandonment, the coronation of Shri Ram's two sons and the determination of the villagers to go with Shri Ram etc., the messengers also said that 'The most intelligent Lord Shri Ram has built for Kush a beautiful city named Kushavati on the banks of Vindhya Mountain. 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥