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ramayan 7.108.28: जब तक चंद्रमा और सूर्य विद्यमान रहेंगे, जब तक पृथ्वी विद्यमान रहेगी और जब तक संसार में मेरी कथाएँ प्रसिद्ध रहेंगी, तब तक इस पृथ्वी पर तुम्हारा राज्य बना रहेगा।॥28॥   |   ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.108.28 
यावच्चन्द्रश्च सूर्यश्च यावत् तिष्ठति मेदिनी।
यावच्च मत्कथा लोके तावद् राज्यं तवास्त्विह॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जब तक चंद्रमा और सूर्य विद्यमान रहेंगे, जब तक पृथ्वी विद्यमान रहेगी और जब तक संसार में मेरी कथाएँ प्रसिद्ध रहेंगी, तब तक इस पृथ्वी पर तुम्हारा राज्य बना रहेगा।॥28॥
 
As long as the moon and the sun exist, as long as the earth exists and as long as my stories are known in the world, your kingdom will continue on this earth.'॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)