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ramayan 7.108.18: सभी वानर साकेत धाम जाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर तथा अपने हृदय में भगवान राम के दर्शन की इच्छा लेकर सुग्रीव के नेतृत्व में वहां आए थे।   |   ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.108.18 
सुग्रीवं ते पुरस्कृत्य सर्व एव समागता:।
तं रामं द्रष्टुमनस: स्वर्गायाभिमुखं स्थितम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
सभी वानर साकेत धाम जाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर तथा अपने हृदय में भगवान राम के दर्शन की इच्छा लेकर सुग्रीव के नेतृत्व में वहां आए थे।
 
All the monkeys, determined to go to Saket Dham and with the desire of seeing Lord Rama in their hearts, had come there with Sugreeva leading them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)