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ramayan 7.108.16: शत्रुघ्न का दृढ़ निश्चय जानकर श्री रघुनाथजी ने उनसे कहा - 'बहुत अच्छा।'॥16॥   |   ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.108.16 
तस्य तां बुद्धिमक्लीबां विज्ञाय रघुनन्दन:।
बाढमित्येव शत्रुघ्नं रामो वाक्यमुवाच ह॥ १६॥
 
 
अनुवाद
शत्रुघ्न का दृढ़ निश्चय जानकर श्री रघुनाथजी ने उनसे कहा - 'बहुत अच्छा।'॥16॥
 
Knowing Shatrughna's firm resolve, Sri Raghunatha said to him - 'Very good.'॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)