Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.108.10: सुबाहु को मधुरा का और शत्रुघाती को विदिशा का राज्य मिला। राजा शत्रुघ्न ने मधुरा की सेना को दो भागों में बाँटकर अपने दोनों पुत्रों में बाँट दिया। जो धन बाँटना था, वह भी उन्होंने दोनों को बाँटकर दे दिया और उन्हें अपनी-अपनी राजधानियों में स्थापित कर दिया॥10॥ | ramayan सर्ग 7.108: श्रीरामचन्द्रजी का भाइयों, सुग्रीव आदि वानरों तथा रीछों के साथ परमधाम जाने का निश्चय और विभीषण, हनुमान्, जाम्बवान्, मैन्द एवं द्विविद को इस भूतल पर ही रहने का आदेश देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुबाहुर्मधुरां लेभे शत्रुघाती च वैदिशम्।
द्विधा कृत्वा तु तां सेनां माधुरीं पुत्रयोर्द्वयो:।
धनं च युक्तं कृत्वा वै स्थापयामास पार्थिव:॥ १०॥
अनुवाद
सुबाहु को मधुरा का और शत्रुघाती को विदिशा का राज्य मिला। राजा शत्रुघ्न ने मधुरा की सेना को दो भागों में बाँटकर अपने दोनों पुत्रों में बाँट दिया। जो धन बाँटना था, वह भी उन्होंने दोनों को बाँटकर दे दिया और उन्हें अपनी-अपनी राजधानियों में स्थापित कर दिया॥10॥
Subahu got the kingdom of Madhura and Shatrughati got Vidisha. King Shatrughna divided the army of Madhura into two parts and distributed it among his two sons. He also divided the wealth that was to be distributed and gave it to both of them and established them in their respective capitals.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥