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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 107: वसिष्ठजी के कहने से श्रीराम का पुरवासियों को अपने साथ ले जाने का विचार तथा कुश और लव का राज्याभिषेक करना
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श्लोक 12
श्लोक
7.107.12
तत: सर्वा: प्रकृतयो रामं वचनमब्रुवन्।
गच्छन्तमनुगच्छामो यत्र राम गमिष्यसि॥ १२॥
अनुवाद
तब राज्य के सभी लोगों ने श्री राम से कहा - 'रघुनन्दन! आप जहाँ भी जाएँगे, हम भी आपके पीछे-पीछे चलेंगे॥ 12॥
Then all the people of the kingdom said to Shri Ram - 'Raghunandan! Wherever you go, we will also follow you.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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