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ramayan 7.107.1: श्री रामजी लक्ष्मण को त्यागकर शोक और शोक में मग्न हो गए और पुरोहित, मंत्री और साहूकारों से इस प्रकार बोले- 1॥   |   ramayan सर्ग 7.107: वसिष्ठजी के कहने से श्रीराम का पुरवासियों को अपने साथ ले जाने का विचार तथा कुश और लव का राज्याभिषेक करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.107.1 
विसृज्य लक्ष्मणं रामो दु:खशोकसमन्वित:।
पुरोधसं मन्त्रिणश्च नैगमांश्चेदमब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी लक्ष्मण को त्यागकर शोक और शोक में मग्न हो गए और पुरोहित, मंत्री और साहूकारों से इस प्रकार बोले- 1॥
 
After abandoning Lakshmana, Shri Ram became engrossed in grief and sorrow and spoke to the priest, minister and moneylenders like this - 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)