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ramayan 7.106.15: सरयू नदी के तट पर जाकर उन्होंने जल से कुल्ला किया और हाथ जोड़कर अपनी समस्त इन्द्रियों को वश में करके श्वास रोक ली।   |   ramayan सर्ग 7.106: श्रीराम के त्याग देने पर लक्ष्मण का सशरीर स्वर्गगमन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 106: श्रीराम के त्याग देने पर लक्ष्मण का सशरीर स्वर्गगमन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.106.15 
स गत्वा सरयूतीरमुपस्पृश्य कृताञ्जलि:।
निगृह्य सर्वस्रोतांसि नि:श्वासं न मुमोच ह॥ १५॥
 
 
अनुवाद
सरयू नदी के तट पर जाकर उन्होंने जल से कुल्ला किया और हाथ जोड़कर अपनी समस्त इन्द्रियों को वश में करके श्वास रोक ली।
 
Going to the bank of Saryu river, he rinsed his mouth with water and with folded hands, controlling all his senses, he stopped his breath.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)