Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.104.1: हे पराक्रमी, महान् और धर्मात्मा राजा! पितामह ब्रह्माजी ने मुझे जिस उद्देश्य से यहाँ भेजा है और जिसके लिए मैं यहाँ आया हूँ, वह मैं आपसे कहता हूँ; कृपया सुनिए॥1॥ | ramayan सर्ग 7.104: कालका श्रीरामचन्द्रजी को ब्रह्माजी का संदेश सुनाना और श्रीराम का उसे स्वीकार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पराक्रमी, महान् और धर्मात्मा राजा! पितामह ब्रह्माजी ने मुझे जिस उद्देश्य से यहाँ भेजा है और जिसके लिए मैं यहाँ आया हूँ, वह मैं आपसे कहता हूँ; कृपया सुनिए॥1॥
O mighty, great and virtuous king! I am telling you the purpose for which the grandfather, Lord Brahma, has sent me here and for which I have come here; please listen. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥