Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.103.12: राजा श्री रामचन्द्रजी के इस प्रकार आग्रह करने पर मुनि बोले - 'यदि आप हमारे कल्याण के इच्छुक हैं, तो जहाँ मैं और आप दो ही व्यक्ति हैं, वहाँ यह कहना उचित है।॥12॥ | ramayan सर्ग 7.103: श्रीराम के यहाँ कालका आगमन और एक कठोर शर्त के साथ उनका वार्ता के लिये उद्यत होना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा श्री रामचन्द्रजी के इस प्रकार आग्रह करने पर मुनि बोले - 'यदि आप हमारे कल्याण के इच्छुक हैं, तो जहाँ मैं और आप दो ही व्यक्ति हैं, वहाँ यह कहना उचित है।॥12॥
Being thus urged by the king, Sri Rama, the sage said, 'If you have an eye on our welfare, then it is appropriate to say this where there are only two persons, you and me.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥